BBC ने ट्रंप से मांगी माफी, मानहानि के आरोपों को बताया बेबुनियाद

विवाद की शुरुआत कैसे हुई
बीबीसी ने गुरुवार, 13 नवंबर 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से 6 जनवरी 2021 के भाषण की गलत एडिटिंग के लिए औपचारिक माफी मांगी। यह मामला तब सामने आया जब 2024 अमेरिकी चुनाव से ठीक पहले प्रसारित डॉक्यूमेंट्री “Trump: A Second Chance?” में ट्रंप के भाषण के दो दूर-दूर के हिस्सों को जोड़कर एक निरंतर बयान की तरह दिखा दिया गया। इससे यह गलत संकेत गया कि ट्रंप ने समर्थकों को हिंसा के लिए प्रेरित किया था।
बीबीसी का आधिकारिक रुख
बीबीसी ने स्वीकार किया कि डॉक्यूमेंट्री में किया गया संपादन अनजाने में भ्रामक था और इससे भाषण का मूल संदर्भ बदल गया। संस्था ने कहा कि उसकी गलती मानहानि की श्रेणी में नहीं आती और ट्रंप द्वारा 1 अरब डॉलर के मुकदमे की धमकी का कोई कानूनी आधार नहीं है। बीबीसी चेयर समीर शाह ने व्हाइट हाउस को भेजे पत्र में इस त्रुटि पर खेद व्यक्त किया और स्पष्ट किया कि डॉक्यूमेंट्री दोबारा प्रसारित नहीं की जाएगी।
ट्रंप की कानूनी चेतावनी
ट्रंप के वकीलों ने बीबीसी को भेजे नोटिस में आरोप लगाया कि डॉक्यूमेंट्री ने राष्ट्रपति की छवि को भारी नुकसान पहुँचाया और “पूर्ण व निष्पक्ष वापसी” के साथ क्षतिपूर्ति की मांग की। वकीलों का कहना था कि गलत प्रस्तुति से ट्रंप को वित्तीय और राजनीतिक हानि हुई है।
कानूनी तौर पर ट्रंप की राह क्यों मुश्किल
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में ट्रंप के लिए मुकदमा साबित करना आसान नहीं होगा। ब्रिटेन में मानहानि मामलों की समय-सीमा एक वर्ष पहले ही समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा डॉक्यूमेंट्री अमेरिका में प्रसारित नहीं हुई, जिससे यह साबित करना कठिन है कि वहां ट्रंप की प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ। विशेषज्ञ यह भी तर्क देते हैं कि ट्रंप 2024 में पुनः राष्ट्रपति चुने गए, जो नुकसान के दावे को और कमजोर करता है।
बीबीसी में इस्तीफों की हलचल
इस विवाद का असर बीबीसी के भीतर भी दिखा। बढ़ते दबाव के बीच डायरेक्टर-जनरल टिम डेवी और न्यूज चीफ डेबराह टरनेस ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। दोनों ने माना कि यह त्रुटि संस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचा रही थी और इसकी जिम्मेदारी शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए।
नए आरोपों की जांच शुरू
विवाद के बीच बीबीसी अब एक और मामले की जांच कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2022 में उसके Newsnight कार्यक्रम में भी ट्रंप के इसी भाषण को इसी तरह जोड़कर प्रस्तुत किया गया था। संस्था ने कहा है कि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से समीक्षा की जा रही है।
