BMC चुनाव से पहले बड़ा दावा: शिवसेना (UBT) बोली—32 हज़ार नाम डेडलाइन के बाद जोड़े गए
आदित्य ठाकरे का आरोप—मुंबई में 14 लाख डुप्लीकेट वोटर, मृत लोगों के नाम से भी वोट पड़े
मुंबई। BMC चुनावों से पहले शिवसेना (UBटी) ने मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी नेता और वर्ली विधायक आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि आगामी नगर निगम चुनावों के लिए मतदाता पंजीकरण की 1 जुलाई की अंतिम तिथि के बाद भी 32,000 से अधिक नाम सूची में जोड़े गए हैं। ठाकरे ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ बताते हुए कहा कि यह मुद्दा सिर्फ “तकनीकी गलती” नहीं बल्कि एक संगठित प्रयास की ओर इशारा करता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए ठाकरे ने दावा किया कि उनकी पार्टी के मुताबिक मुंबई में लगभग 14 लाख डुप्लीकेट वोटर मौजूद हैं, जबकि BMC का आधिकारिक अनुमान 11 लाख है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर मृत व्यक्तियों के नाम से भी वोट पड़े, जिससे बड़े पैमाने पर प्रॉक्सी वोटिंग की आशंका बढ़ती है। ठाकरे ने सवाल उठाया कि “इन मृत लोगों के नाम पर कौन वोट डाल रहा था और इसकी जवाबदेही किसकी है?”
शिवसेना (UBटी) का कहना है कि उनके पदाधिकारी शहरभर में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की सौ प्रतिशत फील्ड–वेरिफिकेशन कर रहे हैं और भारी अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। उदाहरण के तौर पर पार्टी ने बताया कि एमएलसी सुनील शिंदे का नाम मतदाता सूची में सात बार दर्ज मिला, जबकि पूर्व महापौर श्रद्धा जाधव का नाम आठ बार पाया गया—विभिन्न उम्र और तस्वीरों के साथ।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि अगर आवश्यक हुआ तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर बड़ा आंदोलन भी शुरू करेगी और चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करेगी।
