आज कांग्रेस का स्थापना दिवस, 138 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा का स्मरण
राष्ट्रीय समाचार
Loklens News | नई दिल्ली | 28 दिसंबर
आज देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपना स्थापना दिवस मना रही है। कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को तत्कालीन बॉम्बे (वर्तमान मुंबई) में हुई थी। इसकी नींव एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी ए. ओ. ह्यूम (Allan Octavian Hume) ने भारतीय नेताओं के सहयोग से रखी थी। उस समय कांग्रेस का उद्देश्य ब्रिटिश शासन के अधीन भारत में जनता की राजनीतिक आवाज़ को संगठित मंच प्रदान करना था।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में कांग्रेस की भूमिका निर्णायक रही है। महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों का नेतृत्व किया। जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद सहित कई राष्ट्रीय नेताओं ने कांग्रेस के माध्यम से स्वतंत्रता की लड़ाई को दिशा दी।
1947 में स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस ने लंबे समय तक देश की शासन व्यवस्था का नेतृत्व किया। भारतीय संविधान का निर्माण, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थापना, पंचवर्षीय योजनाएं, सार्वजनिक क्षेत्र का विकास, शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति—इन सभी में कांग्रेस सरकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आधुनिक भारत की बुनियाद रखने में कांग्रेस का योगदान ऐतिहासिक रूप से दर्ज है।
वर्तमान समय में कांग्रेस देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी के रूप में अपनी भूमिका निभा रही है। पार्टी लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार से लगातार सवाल उठाती रही है। कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि पार्टी आज भी अपने मूल सिद्धांतों—लोकतंत्र, समानता और धर्मनिरपेक्षता—के प्रति प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस का स्थापना दिवस केवल एक राजनीतिक दल का जन्मदिन नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को स्मरण करने का अवसर है। यह दिन उस विचारधारा की याद दिलाता है जिसने देश को संगठित होकर स्वतंत्रता की ओर अग्रसर किया।
