अंकिता भंडारी हत्याकांड: वायरल ऑडियो के बाद वीआईपी संलिप्तता के दावे, अल्मोड़ा में संगठनों का प्रदर्शन
Loklens News | अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड
18 दिसंबर 2022 को उत्तराखण्ड में हुए बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में भाजपा नेता विनोद आर्य के पुत्र पुलकित आर्य सहित तीन आरोपियों को विशेष सत्र न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। मामला वर्तमान में उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में अपील के तहत लंबित है।
इसी बीच ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर से जुड़ी बातचीत का एक वायरल ऑडियो और फेसबुक लाइव सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। प्रेस नोट के अनुसार, वायरल ऑडियो में पूर्व विधायक सुरेश राठौर कथित तौर पर अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक वीआईपी की संलिप्तता का दावा करते हुए एक राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखण्ड प्रभारी का नाम ले रहे हैं।
प्रेस नोट में यह भी दावा किया गया है कि ऑडियो के अनुसार, कथित वीआईपी घटना वाली रात उसी रिजॉर्ट में मौजूद था, जहां अंकिता भंडारी की हत्या हुई। साथ ही यह भी कहा गया है कि संबंधित भाजपा नेता के कुछ ऑडियो–वीडियो एक अन्य भाजपा नेत्री के पास मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
संगठनों का कहना है कि अंकिता भंडारी ने अपने व्हाट्सएप चैट में रिजॉर्ट में असुरक्षा की भावना व्यक्त की थी और वीआईपी मेहमानों के लिए “एक्स्ट्रा सर्विस” के दबाव की बात लिखी थी। आरोप लगाया गया है कि जांच एजेंसियों ने कथित दबाव के चलते इस वीआईपी पहलू की निष्पक्ष जांच नहीं की।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति अल्मोड़ा, भारत ज्ञान विज्ञान समिति अल्मोड़ा और महिला समिति अल्मोड़ा द्वारा जारी प्रेस नोट में यह भी आरोप लगाया गया है कि राज्य में यौन अपराधों के मामलों में राजनीतिक संरक्षण की प्रवृत्ति बढ़ी है और अंकिता हत्याकांड से जुड़े कुछ अहम साक्ष्य दबाव में नजरअंदाज किए गए।
इन्हीं मांगों को लेकर आज अल्मोड़ा के चौघानपाटा में अंकिता भंडारी हत्याकांड के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रांतीय सचिव सुनीता पांडे, सरस्वती देवी, जया पांडे, चन्द्रा देवी, प्रेम जड़ौत, हेमा अधिकारी, आनंदी मेहरा, आनंदी कनवाल, प्रिया, चाहत, विजयलक्ष्मी, जनवादी नौजवान सभा से यूसुफ तिवारी, भारत ज्ञान विज्ञान समिति से प्रमोद तिवारी, अशोक पंत, क्रांति कुमार जोशी तथा CITU से राजेन्द्र प्रसाद जोशी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि वायरल ऑडियो और फेसबुक लाइव में सामने आए दावों को आधार बनाकर मामले की सीबीआई द्वारा पुनः निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा कथित रूप से संलिप्त सभी वीआईपी सहित दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए।
