अमेरिका–वेनेज़ुएला तेल सौदा: 30–50 मिलियन बैरल तेल अमेरिका को मिलेगा
LokLens News |
January 7, 2026
अंतरराष्ट्रीय डेस्क
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि वेनेज़ुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को लगभग 30 से 50 मिलियन बैरल कच्चा तेल उपलब्ध कराएगी। इस निर्णय से वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर सीधा असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा कि यह तेल बाजार भाव (market price) पर बेचा जाएगा और इससे प्राप्त राशि उनके नियंत्रण में रहेगी। उन्होंने कहा कि यह राशि दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए इस्तेमाल की जाएगी। यह कदम उस सैन्य कार्रवाई के कुछ दिन बाद आया है जिसमें अमेरिका ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया था।
ट्रंप ने यह भी कहा कि तेल की आपूर्ति तुरंत शुरू की जाएगी और इसे स्टोरेज जहाज़ों के माध्यम से सीधे अमेरिका लाया जाएगा। उन्होंने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को इस योजना को लागू कराने का निर्देश भी दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कच्चा तेल सौदे की अनुमानित कुल कीमत करीब 2.8 अरब डॉलर हो सकती है, जो आज के तेल भावों के हिसाब से तय की गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि वेनेज़ुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े साबित तेल भंडार हैं, फिर भी लंबे समय से उत्पादन गिरा हुआ रहा है। ट्रंप के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। वेनेज़ुएला के प्रमुख तेल ग्राहक चीन ने इस सौदे की आलोचना करते हुए इसे राष्ट्रव्यापी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है, जिससे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका के प्रमुख तेल कंपनियों — जैसे चिवरोन, कॉनोकोफिलिप्स और एक्सॉनमोबिल — को वेनेज़ुएला के तेल उद्योग में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि तेल उत्पादन को फिर से चालू करना इंजीनियरिंग और संसाधन लागत की वजह से एक लंबी प्रक्रिया साबित हो सकती है।
यह सौदा अमेरिकी ऊर्जा रणनीति में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, खासकर तब जब अमेरिका पहले से ही वेनेज़ुएला पर प्रतिबंध लगा चुका है और उसके समुद्री परिवहन को ब्लॉक कर रखा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता कूटनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण विचार माना जा रहा है।
