अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, कई देशों में जांच तेज
LokLens News | साइबर डेस्क
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क के खिलाफ विभिन्न देशों की जांच एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई तेज कर दी है। ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, फर्जी कॉल सेंटर और डिजिटल स्कैम से जुड़े मामलों में कई देशों में एक साथ छापेमारी, पूछताछ और तकनीकी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ है और इसके वैश्विक लिंक सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि गिरोह ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को ठगने, फर्जी ऐप्स और वेबसाइटों के जरिए धन हड़पने तथा कॉल सेंटर के माध्यम से साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई में इंटरपोल सहित कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ समन्वय के साथ काम कर रही हैं। डिजिटल लेन-देन, सर्वर लोकेशन, आईपी एड्रेस और मनी ट्रेल की गहन जांच की जा रही है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि कई खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को फ्रीज़ किया गया है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि साइबर अपराध नेटवर्क ने अलग-अलग देशों में कानून की खामियों का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम दिया। इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान, फंडिंग चैनल और तकनीकी ढांचे को ध्वस्त करना जांच का प्रमुख उद्देश्य है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई वैश्विक साइबर अपराध के खिलाफ एक अहम कदम है। इससे न केवल ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि डिजिटल अपराध अब सुरक्षित नहीं रह गए हैं।
जांच एजेंसियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन निवेश योजनाओं, अनजान कॉल्स और संदिग्ध लिंक से सतर्क रहें और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें।
