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चीन ने 2025 में दर्ज किया रिकॉर्ड 1.2 ट्रिलियन डॉलर का व्यापार अधिशेष, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

LokLens News | अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था डेस्क

चीन ने वर्ष 2025 में लगभग 1.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का रिकॉर्ड व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) दर्ज किया है। यह आंकड़ा ऐसे समय में सामने आया है, जब वैश्विक स्तर पर व्यापार तनाव, शुल्क विवाद और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएँ बनी हुई हैं। विशेषज्ञ इसे चीन की निर्यात क्षमता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उसकी मजबूत स्थिति का अहम संकेत मान रहे हैं।

आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका और यूरोप के साथ जारी व्यापारिक मतभेदों के बावजूद चीन का निर्यात लगातार मजबूत बना हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, ऑटोमोबाइल्स, बैटरी तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के निर्यात में तेज़ बढ़ोतरी ने इस रिकॉर्ड अधिशेष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इतना बड़ा व्यापार अधिशेष वैश्विक व्यापार संतुलन को प्रभावित कर सकता है। कई देशों में पहले से मौजूद चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) और गहराने की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही, वैश्विक मुद्रा बाजारों और व्यापार नीतियों पर भी इसका दबाव बढ़ सकता है।

अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चीन का यह रिकॉर्ड अधिशेष आने वाले समय में व्यापार शुल्क, संरक्षणवादी नीतियों और कूटनीतिक वार्ताओं को और तेज कर सकता है। कुछ देशों में घरेलू उद्योगों की सुरक्षा को लेकर बहस फिर से तेज होने की संभावना है।

चीन सरकार का कहना है कि यह प्रदर्शन उसके औद्योगिक विस्तार, तकनीकी निवेश और निर्यात-आधारित विकास मॉडल का परिणाम है। हालांकि, वैश्विक समुदाय की नजर इस बात पर बनी हुई है कि क्या यह असंतुलन आगे चलकर नए व्यापारिक टकराव को जन्म देगा।

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