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रेफरल मामलों की समीक्षा पर प्रशासन का जोर, गर्भवती महिलाओं की निगरानी सख्त करने के निर्देश

LokLens News | अल्मोड़ा

कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में रेफरल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से रेफर किए गए मरीजों के मामलों की समीक्षा करना रहा। इस दौरान विशेष रूप से डिलीवरी से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं के मामलों में अत्यधिक संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की संभावित डिलीवरी तिथि से कम से कम एक माह पूर्व से नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। इसके लिए ब्लॉक और स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर गर्भवती महिलाओं की कुल संख्या, विशेषकर 7 से 9 माह की गर्भावस्था वाली महिलाओं का अद्यतन डेटा तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में आशा और एएनएम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, क्षेत्रीय भ्रमण और हाई रिस्क मामलों की विशेष मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को सुदृढ़ करने और संभावित जटिल मामलों से पहले स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश भी दिए।

इसके अतिरिक्त, शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) और मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) से संबंधित आंकड़ों के संकलन, रेफर किए गए मरीजों के फॉलोअप स्टेटस की नियमित समीक्षा और किसी भी मृत्यु की स्थिति में एक्सपर्ट पैनल के माध्यम से जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी अरविंद पांगती, पीएमएस जिला चिकित्सालय एच.सी. गड़कोटी सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

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