महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मौत — लैंडिंग के दौरान चार्टर प्लेन क्रैश
LOKLENS NEWS | राष्ट्रीय डेस्क |
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मंगलवार को एक दुखद विमान दुर्घटना में मौत हो गई। शुरुआती आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार यह हादसा बारामती हवाई पट्टी पर उस समय हुआ जब उनका निजी चार्टर विमान लैंडिंग प्रक्रिया में था। विमान जमीन पर उतरने से कुछ सेकंड पहले असामान्य रूप से हिला, फिर अचानक रनवे के बाएँ हिस्से की ओर मुड़कर ज़ोरदार तरीके से जमीन से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान का अगला हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया और कुछ ही क्षण में आग जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
एयरस्ट्रिप पर मौजूद ग्राउंड स्टाफ ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और अजीत पवार को मलबे से निकाला गया। उन्हें तुरंत बारामती के पास स्थित अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें अत्यधिक गंभीर सिर और छाती की चोटें आई थीं, और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। विमान में सवार अन्य दो सदस्यों के घायल होने की सूचना है, जिन्हें उपचार के लिए पुणे रेफर किया गया है। उनकी स्थिति के बारे में अस्पताल प्रशासन ने अभी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच टीम विमान की ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डिंग, कॉकपिट संचार, तकनीकी फिटनेस रिपोर्ट, मौसम की स्थिति, और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अंतिम संपर्क के आधार पर दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पड़ताल करेगी। प्रारंभिक संकेतों के अनुसार तकनीकी खराबी या अचानक आई विंड शीयर (तेज़ हवा का झोंका) की संभावना से इंकार नहीं किया गया है, लेकिन अंतिम कारण जांच के बाद ही सामने आएगा।
अजीत पवार महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से एक प्रभावशाली नाम थे। वे राज्य के उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व्यक्तित्व माने जाते थे। उनके अचानक निधन से राज्य के राजनीतिक नेतृत्व में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। हादसे की खबर फैलते ही पुणे, मुंबई और दिल्ली तक राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। राज्य मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई गई है, जबकि कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के माध्यम से गहरा दुःख व्यक्त किया है।
बारामती हवाई पट्टी पर दुर्घटना के बाद सुरक्षा कारणों से सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं और क्षेत्र को सील कर दिया गया है। हवाईपट्टी पर दमकल और आपदा प्रबंधन टीमों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी संभावित जोखिम को नियंत्रित किया जा सके।
