सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंचुर (पौड़ी) में बिताई रात, ग्रामीणों से मिले
LOKLENS NEWS|पौड़ी गढ़वाल|
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के शांत और मनमोहक गांव पंचुर में उस समय उत्साह का असाधारण माहौल बन गया, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वर्षों बाद अपने पैतृक गांव लौटे। योगी आदित्यनाथ ने इस दौरे में गांव में रुककर न केवल ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की, बल्कि गांव की सादगी भरी जीवनशैली और बचपन की यादों को भी फिर से महसूस किया।
उनके पंचुर आगमन से पहले ही पूरा गांव उत्सुकता से भरा हुआ था। बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और बच्चे—सभी मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए सुबह से ही तैयारी में जुटे थे। जब योगी आदित्यनाथ का काफिला गांव के प्रवेशद्वार पर पहुँचा, तो ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। फूल-मालाएँ, ढोल-नगाड़े और शुभकामनाओं के स्वर से पूरा वातावरण गूंज उठा।
योगी आदित्यनाथ ने गांव की गलियों में पैदल चलते हुए बचपन से जुड़े घरों, परिचित स्थानों और पुरानी यादों से भरे पड़ोसियों से मुलाकात की। कई बुजुर्गों ने उन्हें आशीर्वाद दिया, जबकि युवाओं ने गर्व व्यक्त किया कि उनका गांव भारत के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक का पैतृक स्थान है।
सबसे दिल को छू लेने वाला क्षण तब आया जब गांव के बच्चे उन्हें देखने के लिए दौड़ते हुए आए। योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से मुस्कुराकर बात की, उनका हाल पूछा और फिर उन्हें चॉकलेट वितरित की। बच्चों की खुशी और गांव में गूँजती हंसी ने पूरे माहौल को और भी गर्मजोशी से भर दिया। माता-पिता भी इस दृश्य को देखकर बेहद प्रसन्न दिखाई दिए कि मुख्यमंत्री होने के बावजूद योगी आदित्यनाथ का व्यवहार गांव के बच्चों के प्रति बिल्कुल सरल और आत्मीय था।
पंचुर दौरे के दौरान योगी आदित्यनाथ ने गांव में कुछ समय विश्राम किया और पारंपरिक पहाड़ी भोजन का स्वाद भी लिया। ग्रामीणों के अनुसार, योगी बचपन से ही शांत, अनुशासित और आध्यात्मिक प्रवृत्ति के थे, और गांव की प्रकृति, मंदिरों और पहाड़ी मार्गों से उनका गहरा जुड़ाव रहा है।
गांव के लोगों ने उन्हें अपने क्षेत्रों की आवश्यकताओं, सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों से अवगत कराया। योगी आदित्यनाथ ने धैर्यपूर्वक सभी बातें सुनीं और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने वर्षों बाद भी उसी स्नेह और गर्व के साथ उनका स्वागत किया।
योगी आदित्यनाथ की यह यात्रा केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पौड़ी गढ़वाल और उत्तराखंड के लिए भी भावनात्मक महत्व रखती है। पंचुर गांव में जन्मे एक बालक का राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुँचना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इसीलिए गांव में उनका आगमन किसी त्योहार से कम नहीं था।
रात होने पर उन्होंने गांव में ही रुककर अपनी जड़ों से जुड़े वातावरण में समय बिताया। सुरक्षा इंतज़ामों के बावजूद वातावरण सादगी और आत्मीयता से परिपूर्ण रहा। गांव की चौपाल, घरों के आंगन और सड़क किनारे बने चबूतरे—हर जगह ग्रामीण देर रात तक इस विशेष दिन की चर्चा करते रहे। कई ग्रामीणों ने बताया कि यह क्षण गांव की स्मृतियों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है।
पंचुर में योगी आदित्यनाथ की यह यात्रा एक गुडविल विज़िट के रूप में देखी जा रही है, जिसने गांववासियों के साथ उनके संबंधों को और गहरा किया है। ग्रामीणों का कहना है कि योगी आदित्यनाथ अपने गांव और जड़ों के प्रति हमेशा सम्मानपूर्वक जुड़े रहे हैं और पंचायत क्षेत्र के लोग भी उन्हें अपने परिवार का सदस्य ही मानते हैं।
कुल मिलाकर, योगी आदित्यनाथ की यह यात्रा पौड़ी गढ़वाल के पंचुर गांव में गौरव, भावनाओं और आत्मीयता का प्रतीक बनकर सामने आई। गांव के लोगों द्वारा किया गया स्वागत, बच्चों संग बिताए पल और ग्रामीणों के साथ उनकी सहज मुलाकात ने इस दौरे को अत्यंत मानवीय और यादगार बना दिया।
