टिहरी गढ़वाल: आधार केंद्र संचालिका का आत्महत्या प्रयास, डेटा दबाव के आरोप ने बढ़ाई चिंता
LokLens News | टिहरी गढ़वाल |
टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर क्षेत्र में आधार कार्ड केंद्र संचालित करने वाली सरिता थलवाल (30 वर्ष) द्वारा जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने की घटना से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। परिजन उन्हें गंभीर हालत में ऋषिकेश एम्स ले गए, जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर जुटी जानकारी के अनुसार सरिता प्रतापनगर में आधार कार्ड अपडेट और नए आधार कार्ड बनवाने का अधिकृत केंद्र चला रही थीं। परिजनों का कहना है कि सरिता पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थीं। उनका आरोप है कि आधार संचालन का ठेका रखने वाली एमएस क्रिएटिव कंपनी द्वारा सरिता से लोगों का व्यक्तिगत डेटा उपलब्ध कराने का दबाव बनाया जा रहा था। सरिता ने इस मांग को मानने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद कंपनी ने उनकी तकनीकी आधार आईडी बंद कर दी और उन पर अतिरिक्त शुल्क वसूलने का आरोप लगा दिया। परिजनों के अनुसार सरिता ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन किसी भी स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी गई। लगातार बढ़ते दबाव और काम बंद होने से उत्पन्न आर्थिक असुरक्षा ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था और इसी स्थिति में उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।
घटना के बाद यह मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बन गया है। भाजपा आईटी सेल की प्रदेश महिला मोर्चा सदस्य प्रिंसी रावत सरिता के समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ईमानदार लोग न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं और सुनवाई न होने की स्थिति में ऐसे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और कंपनी सहित संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और इसकी जांच की जा रही है। जांच में कंपनी द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता, सरिता की आईडी बंद होने का कारण, डेटा उपलब्ध कराने के कथित दबाव और मानसिक व आर्थिक तनाव से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी। घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधार केंद्रों के संचालन, डेटा सुरक्षा, तकनीकी कंपनियों की भूमिका और शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
