क्वारब में पत्थर गिरने से युवक घायल, कांग्रेस का आरोप
LOKLENS NEWS |अल्मोड़ा,उत्तराखण्ड|
क्वारब क्षेत्र में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पहाड़ी से अचानक विशाल पत्थर गिरने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होने के साथ ही क्षेत्र में मौजूद लगातार भूस्खलन और पत्थर गिरने के खतरे की गंभीरता को भी दर्शाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है—क्वारब के इस मार्ग पर पिछले कई वर्षों से लगातार पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाएँ होती रही हैं, लेकिन अब तक क्षेत्र में स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि “क्वारब क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएँ होती हैं, लोग घायल होते हैं, जनहानि होती है, लेकिन सरकार केवल दिखावटी घोषणाओं और मंचीय कार्यक्रमों में व्यस्त है। केंद्रीय मंत्री सम्मेलन, उद्घाटन और आयोजनों में व्यस्त रहते हैं, जबकि जनता की जान जोखिम में पड़ी रहती है।” उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता देती तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि क्वारब क्षेत्र में सुरक्षा उपायों की कमी लोगों के जीवन के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण आम नागरिक रोज़ाना जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरते हैं। “क्वारब का यह हिस्सा वर्षों से भूस्खलन का हॉटस्पॉट बना हुआ है,” उन्होंने कहा, “लेकिन यहाँ न तो मजबूत सुरक्षा दीवारें बनाई गईं, न ही ढलानों की वैज्ञानिक तरीके से कटिंग की गई। सरकार केवल घोषणाएँ करती है, जबकि ग्राउंड पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।”
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकार की असफलता का प्रत्यक्ष उदाहरण है। उन्होंने मांग उठाई कि घायल युवक को निःशुल्क और सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा उसके परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि हादसे केवल कागज़ी रिपोर्टों में नहीं दिखते—वे लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, परिवारों को तोड़ देते हैं और समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि क्वारब क्षेत्र में तत्काल भू-वैज्ञानिक सर्वे करवाकर स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। “यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील है,” भोज ने कहा। “बारिश हो, तापमान में बदलाव हो या भारी वाहनों का दबाव—यहां हर परिस्थिति में पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सरकार को वैज्ञानिक भू-अध्ययन और मजबूत सुरक्षा संरचनाओं को लेकर गंभीरता दिखानी ही होगी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी मांग की कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षों से शिकायतों और घटनाओं के बावजूद यदि प्रशासन और संबंधित विभागों ने सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया, तो उन्हें जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और जिम्मेदार विभाग जल्द कार्रवाई नहीं करते, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई होगी।
स्थानीय लोगों का भी यही कहना है कि क्वारब क्षेत्र में सुरक्षा कार्य न होने से प्रतिदिन लोग डर के साए में सफ़र करते हैं। कई लोगों ने कहा कि सड़क को चौड़ा करने, ढलानों को स्थिर करने और सुरक्षा जाल लगाने जैसी प्रक्रियाएँ वर्षों से अधर में लटकी हुई हैं।https://youtube.com/shorts/gYk6_diPynM?si=4iPQDEhlJCdMwYGQ
