नवीकरणीय ऊर्जा की ओर भारत की तेज़ रफ्तार, सौर और पवन परियोजनाओं से हरित संक्रमण को बल
राष्ट्रीय | पर्यावरण एवं ऊर्जा
Loklens News | नई दिल्ली
भारत में स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में प्रयास तेज होते जा रहे हैं। केंद्र सरकार के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के तहत सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे देश के हरित ऊर्जा संक्रमण (Green Energy Transition) को नई गति मिल रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्षों में स्थापित नवीकरणीय क्षमता में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।
ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार बड़े सोलर पार्क, रूफटॉप सोलर योजनाएं और पवन ऊर्जा कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। राज्यों को ग्रिड कनेक्टिविटी और भंडारण (स्टोरेज) क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नवीकरणीय ऊर्जा का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं के बीच भारत का नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। हरित हाइड्रोजन, बैटरी स्टोरेज और स्मार्ट ग्रिड जैसी नई तकनीकों को अपनाने से आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
