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हरिद्वार रैली में अमित शाह ने CM धामी पर जताया भरोसा, ‘विकल्प रहित संकल्प’ पुस्तक का विमोचन

LOKLENS NEWS|हरिद्वार|

हरिद्वार में आयोजित ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत शनिवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बैरागी कैंप में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने उत्तराखंड के विकास, कानून व्यवस्था, नागरिकता कानून, और केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से हल करने की दिशा में काम कर रही है।

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन के लिए यहां के युवाओं को अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा था और उन्हें रामपुर तिराहा जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे नए राज्यों के गठन का निर्णय लिया। शाह ने कहा कि इन राज्यों का गठन क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखकर किया गया था और आज ये राज्य विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

अमित शाह ने कहा कि जब उत्तराखंड का निर्माण हुआ था तब यह कहा गया था कि अटल बिहारी वाजपेयी ने इस राज्य को बनाया है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से 2026 तक का समय उत्तराखंड के विकास के लिए महत्वपूर्ण रहा है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते चार वर्षों में राज्य की कई समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए कदम उठाए हैं। उनके अनुसार राज्य में सड़क, आधारभूत ढांचा और प्रशासनिक सुधारों पर लगातार कार्य किया जा रहा है।

सभा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने नई न्याय संहिता के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंग्रेजों के समय के लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने कानूनों को बदलने का काम किया गया है। उन्होंने बताया कि 2028 तक नई न्याय संहिता के सभी प्रावधान पूरी तरह लागू हो जाएंगे और इसके बाद किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक निर्णय आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने अधिवक्ताओं और नागरिकों से इस नई व्यवस्था को समझने और प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील भी की।

अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया गया है। उन्होंने कहा कि ये लोग अपने धर्म और परिवार की सुरक्षा के लिए भारत आए हैं और उन्हें नागरिकता देने के निर्णय पर सरकार कायम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कई बड़े निर्णय लिए हैं, जिनमें धारा 370 को समाप्त करना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और बद्रीनाथ–केदारनाथ पुनर्निर्माण जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड में लागू नकल विरोधी कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अब सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता आई है और शनिवार को उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी पद पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले लगभग 1900 युवाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बिना पर्चा और बिना खर्चा के भर्ती प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कानून लागू किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुंभ मेला पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है।

अपने संबोधन में अमित शाह ने सीमांत क्षेत्रों के विकास का भी जिक्र किया और केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को ‘अंतिम गांव’ के बजाय ‘प्रथम गांव’ का दर्जा दिया है। इस योजना का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाना और पलायन को रोकना है। उनके अनुसार उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए यह योजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

अमित शाह ने उत्तराखंड में लगभग 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार देश में अवैध घुसपैठ के मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिए की पहचान कर कार्रवाई करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार की पहल का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे जनसंख्या संरचना में आने वाले असंतुलन को रोकने में मदद मिल सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध होना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है और जो भारत का नागरिक नहीं है उसका नाम मतदाता सूची में नहीं होना चाहिए।

अपने भाषण में अमित शाह ने उत्तराखंड को मिलने वाली केंद्रीय सहायता के आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 के बीच राज्य को केंद्र सरकार से लगभग 54 हजार करोड़ रुपये मिले थे, जबकि उसके बाद से यह राशि बढ़कर लगभग 1 लाख 87 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से ऑल वेदर रोड परियोजना, दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर, रेल और सड़क परियोजनाओं सहित कई आधारभूत ढांचा परियोजनाओं पर काम चल रहा है। शाह के अनुसार राज्य की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ी है और सकल राज्य घरेलू उत्पाद में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

(रानीखेत में गैस कीमत बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस का https://loklensnews.com/2026/03/07/news-305/)

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