रानीखेत में मानव एकता दिवस पर रक्तदान शिविर, सैकड़ों लोगों ने दिया मानव सेवा का संदेश
रानीखेत | LokLens News Desk
मानव एकता दिवस के अवसर पर रानीखेत के विजय चौक स्थित रंगोली सम्मेलन स्थल के निकट Sant Nirankari Charitable Foundation द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर एवं सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर रक्तदान किया और मानव सेवा तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया।
रक्तदान शिविर में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान रक्तदान के महत्व और जरूरतमंद मरीजों के जीवन को बचाने में इसकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं CWC सदस्य Karan Mahara भी कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है।
करन माहरा ने संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे सेवा अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारा, सहयोग और मानव एकता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में सेवा और परोपकार की संस्कृति को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
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कार्यक्रम के दौरान आयोजित सत्संग में भी मानवता, प्रेम, सद्भाव और निस्वार्थ सेवा का संदेश दिया गया। आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं, स्वयंसेवकों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम जारी रखने की बात कही।
भारत में हर वर्ष हजारों मरीजों को समय पर रक्त नहीं मिल पाने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर न केवल रक्त की उपलब्धता बढ़ाते हैं बल्कि समाज में सेवा और जागरूकता की भावना भी विकसित करते हैं। ऐसे आयोजन आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित होते हैं।
रक्तदान केवल चिकित्सा सहायता नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान व्यवस्था किसी भी स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती का महत्वपूर्ण आधार होती है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्वास्थ्य स्थितियों के दौरान रक्त की उपलब्धता कई बार चुनौती बन जाती है। ऐसे में सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर स्वास्थ्य सेवाओं को महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करते हैं।
मानव एकता दिवस जैसे आयोजनों का महत्व केवल धार्मिक या सामाजिक संदेश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वे समाज में सहयोग, करुणा और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।
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