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अल्मोड़ा के दीपांशु पांडे को राज्यपाल ने प्रदान किया वाइस चांसलर गोल्ड मेडल, एलएलबी में किया विश्वविद्यालय टॉप

अल्मोड़ा | LokLens News Desk

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय (एसएसजे), अल्मोड़ा के प्रथम दीक्षांत समारोह में अल्मोड़ा के युवा अधिवक्ता दीपांशु पांडे ने उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। बैचलर ऑफ लॉ (एलएलबी) में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर उन्हें वाइस चांसलर स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल द्वारा विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में प्रदान किया गया।

अल्मोड़ा के डुबकिया मोहल्ला निवासी दीपांशु पांडे ने विज्ञान से कानून तक का प्रेरणादायक सफर तय किया है। उन्होंने पहले एमएससी (भौतिकी) की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद कानून की शिक्षा ग्रहण करते हुए एलएलबी में विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

न्याय को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का लक्ष्य

दीपांशु पांडे का कहना है कि उन्होंने कानून की पढ़ाई केवल पेशे के रूप में नहीं, बल्कि समाज सेवा के उद्देश्य से चुनी है। उनका लक्ष्य उन गरीब, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है, जो संसाधनों और जागरूकता के अभाव में न्याय से वंचित रह जाते हैं।

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उन्होंने कहा कि आज भी समाज का बड़ा वर्ग कानूनी प्रक्रियाओं और आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने अधिकारों की रक्षा नहीं कर पाता। ऐसे लोगों तक न्याय पहुंचाना ही उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य है।

परिवार और शहर के लिए गौरव का क्षण

दीपांशु पांडे, अल्मोड़ा निवासी डॉ. जीवन चंद्र पांडे एवं श्रीमती शोभा पांडे के पुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, शिक्षकों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दीपांशु की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे अल्मोड़ा जिले के लिए गर्व का विषय है और यह प्रदेश के युवाओं को शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।


देश में आज भी बड़ी संख्या में गरीब और वंचित लोग कानूनी सहायता के अभाव में अपने अधिकारों की रक्षा नहीं कर पाते। ऐसे में यदि युवा अधिवक्ता समाज सेवा की भावना से आगे आते हैं तो न्याय व्यवस्था आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बन सकती है।

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