क्वारब मार्ग फिर बाधित — वर्षों बाद भी स्थायी समाधान क्यों नहीं?
LokLens News | अल्मोड़ा |
अल्मोड़ा–हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित क्वारब क्षेत्र एक बार फिर भूस्खलन और सड़क धंसने की समस्या के कारण अवरुद्ध हो गया। देर शाम जारी सूचना के अनुसार मार्ग को रात 8:45 बजे से 1:00 बजे तक बंद किया गया, जिससे दोनों दिशाओं में यातायात प्रभावित हुआ। यह क्षेत्र लगातार कई वर्षों से इसी प्रकार की समस्या का सामना करता रहा है।
क्वारब में सड़क बंद होने की यह कोई नई घटना नहीं है। मौसम परिवर्तन, बर्फबारी, पाला और वर्षा के दौरान यह मार्ग अक्सर खतरनाक स्थिति में पहुंच जाता है। लगातार गिरती मिट्टी और ढलान से सरकते बोल्डर इस क्षेत्र को “अत्यधिक भूस्खलन प्रवण” श्रेणी में रखते हैं। लेकिन मुख्य प्रश्न यह है कि इतने वर्षों के बाद भी यहां कोई स्थायी समाधान क्यों नहीं बन पाया।
स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों का कहना है कि क्वारब क्षेत्र में हर वर्ष केवल अस्थायी मरम्मत की जाती है। सड़क किनारे रिटेनिंग वॉल, ढलान नियंत्रण, दीर्घकालीन ड्रेनेज व्यवस्था या वैज्ञानिक ढंग से कटिंग जैसे स्थायी कार्य अब तक व्यापक रूप से नहीं हुए। विशेषज्ञों के अनुसार क्षेत्र की मिट्टी ढीली होने और पानी की निकासी ठीक न होने के कारण सड़क बार-बार क्षतिग्रस्त होती है।
व्यापार, पर्यटन और चिकित्सा सेवाओं के दृष्टिकोण से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। सड़क बंद होने से दून–कुमाऊं कनेक्टिविटी, आपूर्ति श्रृंखला और आवश्यक सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। स्थानीय टैक्सी यूनियन और यात्रियों का कहना है कि “क्वारब के लिए हर वर्ष पैचवर्क किया जाता है, पर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में स्पष्ट नीति दिखाई नहीं देती।”
विशेषज्ञ मानते हैं कि क्वारब क्षेत्र में दीर्घकालिक समाधान के लिए भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, स्थिर ढलान निर्माण, बोल्डर नेट, आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली और मजबूत रिटेनिंग संरचनाओं की आवश्यकता है। जब तक ये कदम नहीं उठाए जाते, सड़क बंद होने की घटनाएँ मौसम के हर चक्र में दोहराई जाएँगी।
क्वारब की स्थिति एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि पहाड़ी क्षेत्रों की इस महत्वपूर्ण सड़क की स्थायी सुरक्षा कब सुनिश्चित होगी। यात्रियों और स्थानीय निवासियों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग इस मार्ग के लिए व्यापक और दीर्घकालिक योजना पर जल्द कार्यवाही करें।
