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पिथौरागढ़ के 15 युवा बने ‘आपदा मित्र’, अब करेंगे जान बचाने का काम

LOKLENS NEWS |पिथौरागढ़, उत्तराखंड।

पिथौरागढ़, उत्तराखंड। पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारी को मजबूत करने के उद्देश्य से सुप्रीम यूथ क्लब पिथौरागढ़ के 15 युवा आज National Disaster Response Force द्वारा संचालित “आपदा मित्र” प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए रवाना हुए। यह प्रशिक्षण उन युवाओं को अत्याधुनिक आपदा प्रबंधन कौशल देने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो अपने क्षेत्रों में आपात स्थितियों के दौरान प्रथम प्रतिक्रिया देने में सक्षम हों। विशेष रूप से पहाड़ी राज्य उत्तराखंड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ऐसे प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। इसी दिशा में सरकार और एन.डी.आर.एफ. द्वारा यह पहल की गई है ताकि स्थानीय युवाओं को आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान करने के लिए सक्षम बनाया जा सके।

कार्यक्रम की शुरुआत एक औपचारिक रवाना समारोह के साथ हुई जिसमें Birendra Waldia उपस्थित रहे। उन्होंने युवाओं की टीम को हरी झंडी दिखाकर प्रशिक्षण के लिए रवाना किया। उनके अनुसार “आपदा मित्र” जैसे प्रशिक्षण आज के समय की अत्यंत आवश्यकता हैं, जहाँ प्राकृतिक आपदाएँ न केवल बार-बार आती हैं बल्कि कई बार अचानक और व्यापक नुकसान पहुँचाती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक जटिलताओं, सीमित संसाधनों और कठिन पहुँच वाले इलाकों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय युवाओं का प्रशिक्षित होना आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पूर्व जिला अध्यक्ष बीरेंद्र वाल्दिया ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षित युवा आपदा के समय पहले प्रत्युत्तरकर्ता (First Responders) के रूप में कार्य करेंगे। स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों, रास्तों, बस्तियों और पहाड़ी ढलानों से परिचित होने के कारण उनका योगदान राहत और बचाव कार्यों में बेहद मूल्यवान होगा। उन्होंने कहा कि जब आपदा आती है, तो शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में यदि प्रशिक्षित स्थानीय युवा तुरंत सक्रिय हो जाएँ, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं और नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

एन.डी.आर.एफ. का “आपदा मित्र” कार्यक्रम देशभर के स्थानीय नागरिकों को प्रशिक्षित आपदा स्वयंसेवक बनाने की एक राष्ट्रीय पहल है। इस प्रशिक्षण में भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़, आग से बचाव, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव (Search & Rescue) और सामुदायिक आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाता है। विशेषकर उत्तराखंड जैसे राज्य, जहाँ पहाड़ों पर बसा हर कस्बा किसी न किसी रूप में आपदा जोखिम से जुड़ा है, वहाँ ऐसे कार्यक्रम सामुदायिक सुरक्षा का आधार बनते जा रहे हैं।

इन 15 युवाओं का चयन सुप्रीम यूथ क्लब की सक्रियता और जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया। चयनित युवाओं ने रवाना होने से पहले बताया कि वे इस प्रशिक्षण के माध्यम से न केवल आपदा प्रबंधन की तकनीकें सीखेंगे, बल्कि अपने जिले और गाँवों में जागरूकता फैलाने का काम भी करेंगे। उनका कहना था कि प्रशिक्षण से लौटकर वे अपने क्लब और समुदाय के अन्य युवाओं को भी आपदा के प्रति सजग करने, सुरक्षित ढंग से प्रतिक्रिया देने और आपदा-पूर्व तैयारी की संस्कृति विकसित करने में सहयोग करेंगे।

सुप्रीम यूथ क्लब के सदस्यों ने कहा कि इस अवसर को वे अपने लिए एक जिम्मेदारी और सेवा का अवसर मानते हैं। उनका विश्वास है कि प्रशिक्षण के बाद वे अपने क्षेत्र में अधिक सक्षम रूप से कार्य कर सकेंगे और किसी भी आपात स्थिति के दौरान प्रशासन को सहायता प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण से आत्मविश्वास बढ़ेगा और टीमवर्क, नेतृत्व एवं सामुदायिक सहयोग की भावना और मजबूत होगी।

पूर्व जिला अध्यक्ष बीरेंद्र वाल्दिया ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के दौरान अक्सर प्रशासन और बाहरी टीमों को पहाड़ की जटिलताओं और सीमित संसाधनों के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि स्थानीय युवा प्रशिक्षित हों, तो वे न केवल तुरंत सहायता प्रदान कर सकते हैं बल्कि प्रशासन के लिए मार्गदर्शक भी साबित होते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई प्रत्येक तकनीक किसी न किसी दिन किसी की जान बचाने में मदद कर सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाएँ अब केवल मौसम या भौगोलिक परिस्थितियों का परिणाम नहीं रहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के कारण इनकी तीव्रता और आवृत्ति बढ़ती जा रही है। इसलिए अब प्रत्येक समुदाय को स्वयं सजग और तैयार रहना होगा। सुप्रीम यूथ क्लब के युवाओं को “आपदा मित्र” प्रशिक्षण के लिए भेजना इस दिशा में एक सराहनीय कदम है, जो आने वाले वर्षों में पिथौरागढ़ जिले को आपदा-तैयार जिलों की सूची में मजबूत स्थान दिला सकता है।

सुप्रीम यूथ क्लब के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद क्लब जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा जागरूकता कार्यक्रम, मॉक ड्रिल और सामुदायिक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित करेगा। उद्देश्य यह है कि आपदा के दौरान केवल प्रशिक्षित युवा ही नहीं, बल्कि पूरा समुदाय अधिक सक्षम और सजग होकर कार्य कर सके। स्थानीय स्तर पर इस तरह की पहल न केवल आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाती है, बल्कि समुदाय में सुरक्षा और सहयोग की संस्कृति भी विकसित करती है।

कुल मिलाकर, सुप्रीम यूथ क्लब पिथौरागढ़ के इन 15 युवाओं का एन.डी.आर.एफ. के “आपदा मित्र” कार्यक्रम में भाग लेना क्षेत्र की आपदा-तैयारी क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल युवाओं के कौशल विकास का माध्यम है बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी, सेवा और समर्पण को भी दर्शाती है।

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