रानीखेत में कुमाऊँ आयुक्त का औचक निरीक्षण, लंबित वादों पर जताई नाराजगी
LOKLENS NEWS |रानीखेत|
रानीखेत, 18 फरवरी 2026 ।
कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने आज रानीखेत तहसील एवं उप निबंधक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यालयीन व्यवस्था, अभिलेख संधारण तथा लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करना रहा।
निरीक्षण के दौरान तहसील कार्यालय में रखे पुराने अभिलेखों की स्थिति का परीक्षण किया गया। आयुक्त ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित संरक्षण और डिजिटलीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों का सुरक्षित और व्यवस्थित रख-रखाव प्रशासनिक पारदर्शिता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
लंबित वादों पर जताई नाराजगी
तहसील न्यायालय में दायर वादों की समीक्षा के दौरान कई प्रकरण लंबे समय से लंबित पाए गए। इस पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिए कि 45 से 60 दिनों के भीतर अधिक समय से लंबित वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब से आम जनता को असुविधा होती है और प्रशासन की छवि प्रभावित होती है।
कारण बताओ नोटिस के निर्देश
निरीक्षण के दौरान एक प्रकरण में फाइल पर अनावश्यक आपत्ति लगाए जाने का मामला सामने आया। इसे गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने संबंधित नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कार्यों में अनावश्यक आपत्ति और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा जवाबदेही तय की जाएगी।
उप निबंधक और संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय का निरीक्षण
कुमाऊँ आयुक्त ने उप निबंधक कार्यालय और संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेख संधारण, जनसुनवाई व्यवस्था और लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा जनता को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
अधिकारी रहे उपस्थित
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात सहित तहसील के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में तत्परता और संवेदनशीलता बनाए रखें। प्रशासनिक कार्यों में सुधार और समयबद्ध निस्तारण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

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