भारत–इज़राइल समझौता: अब इज़राइल में भी चलेगा UPI, डिजिटल भुगतान को मिलेगी नई रफ़्तार
LOKLENS NEWS |भारत और इज़राइल|
भारत और इज़राइल के बीच डिजिटल सहयोग को एक नई ऊँचाई पर ले जाते हुए आज 26 फरवरी 2026 को दोनों देशों ने एक महत्वपूर्ण समझौते की घोषणा की, जिसके तहत भारत की अत्याधुनिक डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब आधिकारिक रूप से इज़राइल में भी लागू की जाएगी। यह समझौता भारतीय नागरिकों, छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि अब वे इज़राइल में अपने मोबाइल से ही सीधे डिजिटल भुगतान कर सकेंगे, जिससे नकदी बदलने की परेशानी, अंतरराष्ट्रीय कार्ड शुल्क और ATM पर निर्भरता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। UPI भारत में पहले ही एक डिजिटल क्रांति ला चुका है और करोड़ों लोग प्रतिदिन इसका उपयोग करते हैं। अब यही सुविधा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की तकनीकी क्षमता का प्रतीक बनकर उभर रही है।
UPI के इज़राइल में लागू होने का अर्थ यह है कि भारतीय पर्यटकों को होटल, बाजार, टैक्सी, कैफे, मेडिकल स्टोर्स और मनोरंजन स्थलों पर भुगतान करने में अब किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। केवल एक QR कोड स्कैन करके भुगतान किया जा सकेगा। यह सुविधा न सिर्फ भारतीयों के लिए उपयोगी है, बल्कि इज़राइल के स्थानीय व्यापारियों के लिए भी लाभकारी होगी, क्योंकि इससे उन्हें भारतीय उपभोक्ताओं से सीधा और सुरक्षित भुगतान प्राप्त करने का आधुनिक साधन मिलेगा। इज़राइल हर साल भारत से आने वाले हजारों पर्यटकों, धार्मिक यात्रियों और छात्रों के लिए एक प्रमुख गंतव्य है; इसलिए यह निर्णय पर्यटन और व्यापार, दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
इस समझौते को भारत और इज़राइल की रणनीतिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। दोनों देश पहले ही रक्षा, साइबर सुरक्षा, कृषि तकनीक और स्टार्टअप नवाचार में मजबूत सहयोग रखते हैं। अब फिनटेक (FinTech) सेक्टर भी इस साझेदारी का प्रमुख हिस्सा बन रहा है। इज़राइल, जो दुनिया में तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है, उसने UPI की सुरक्षा, गति और बिना शुल्क वाले लेनदेन मॉडल की सराहना की है। इज़राइल का मानना है कि भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली न केवल फास्ट है, बल्कि यह दुनिया के सबसे सुरक्षित नेटवर्कों में से एक है।
UPI की अंतरराष्ट्रीय यात्रा लगातार विस्तार कर रही है। फ्रांस, UAE, सिंगापुर, भूटान, नेपाल जैसे देशों में पहले से ही UPI का उपयोग संभव है और अब इज़राइल इस सूची का नया सदस्य बन गया है। आने वाले वर्षों में कनाडा, जर्मनी, कतर, सऊदी अरब और अमेरिका जैसे देशों में भी UPI लागू होने की संभावनाएँ काफी मजबूत दिखाई देती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार वैश्विक वित्तीय प्रणाली में एक बड़े बदलाव का संकेत है, जिसमें भारत अब केवल तकनीकी उपभोक्ता नहीं, बल्कि तकनीकी नेतृत्व की स्थिति में पहुँच चुका है।
UPI के इज़राइल में लागू होने से भारतीय यात्रियों के अनुभव में बड़ा बदलाव आएगा। विदेश में भुगतान से जुड़े धोखाधड़ी के जोखिम कम होंगे और ट्रांजैक्शन शुल्क भी समाप्त हो जाएगा। कई भारतीय छात्रों के लिए भी यह सुविधा अत्यंत उपयोगी साबित होगी, क्योंकि वे हॉस्टल और कैंपस खर्च से लेकर दैनिक जरूरतों तक के भुगतान आसानी से कर सकेंगे। व्यापारियों के लिए भी यह सुविधा महत्वपूर्ण है, क्योंकि भुगतान में देरी समाप्त होगी और लेनदेन वास्तविक समय में पूरा हो जाएगा।
(इजरायल संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘केसेट पदक’ से सम्मानित, भारत-इजरायल संबंधों में ऐतिहासिक क्षण।https://youtube.com/shorts/7BBTKKIFIx0?si=E1E4u_UrEkYUkIFG)
भारत सरकार ने इसे डिजिटल इंडिया अभियान की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा है कि UPI का वैश्विक विस्तार भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचार का प्रमाण है। NPCI इंटरनेशनल ने अपने बयान में कहा कि भारत और इज़राइल के बीच यह समझौता वैश्विक डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को मजबूत करेगा और फिनटेक सहयोग को नई दिशा देगा। इज़राइल सरकार ने भी इस डिजिटल साझेदारी का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के बीच विश्वास और तकनीकी सहयोग की मजबूत नींव बताया है।
कुल मिलाकर यह समझौता भारत के लिए एक नई अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत पहले ही दुनिया को चकित कर चुका है और अब UPI के इज़राइल में लागू होने से यह साबित हो गया है कि भारतीय भुगतान प्रणाली वैश्विक मानकों से कहीं आगे है। आने वाले समय में UPI दुनिया के कई देशों में एक प्रमुख भुगतान प्रणाली बन सकता है। आज की यह घोषणा एक निर्णायक कदम है, जिसने भारत को वैश्विक फिनटेक नेतृत्व में और अधिक मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है।
