रानीखेत के पाण्डवखोली में हल्की बर्फबारी, मौसम में ठंड बढ़ी
LOKLENS NEWS|पाण्डवखोली, रानीखेत (अल्मोड़ा, उत्तराखंड)|
उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में मौसम में बदलाव देखने को मिला है। रानीखेत के प्रसिद्ध धार्मिक और प्राकृतिक स्थल पाण्डवखोली में बीती रात लगभग 11 बजे हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार इस बर्फबारी से क्षेत्र में लगभग डेढ़ इंच तक बर्फ जम गई, जिससे सुबह पूरा इलाका सफेद परत से ढका दिखाई दिया।
सुबह के समय पाण्डवखोली मंदिर परिसर, आसपास के जंगल और खुले मैदानों में हल्की बर्फ की परत साफ दिखाई दी। हालांकि दिन निकलने के बाद धूप आने से कुछ स्थानों पर बर्फ पिघलना भी शुरू हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की हल्की बर्फबारी सर्दियों के अंतिम चरण में कभी-कभी देखने को मिलती है और इससे तापमान में अचानक गिरावट महसूस होती है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में अस्थायी बदलाव आया है। इसके कारण उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बादल छाने, हल्की वर्षा और कुछ स्थानों पर बर्फबारी की स्थिति बन सकती है। हालांकि फिलहाल किसी बड़े मौसम अलर्ट की जानकारी नहीं दी गई है।
रानीखेत और आसपास के क्षेत्रों में सुबह के समय ठंडी हवाएँ चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय ठंड बढ़ गई थी, जबकि दिन में धूप निकलने से मौसम अपेक्षाकृत सामान्य हो गया। इस तरह का मौसम पहाड़ी क्षेत्रों में सामान्य माना जाता है, जहां दिन और रात के तापमान में काफी अंतर देखने को मिलता है।
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पाण्डवखोली क्षेत्र धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह स्थान महाभारत काल से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं के कारण प्रसिद्ध है और यहां स्थित मंदिर तथा आसपास के प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हल्की बर्फबारी के बाद यह क्षेत्र और भी सुंदर दिखाई दे रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों में भी थोड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि प्रशासन और स्थानीय लोगों ने पर्यटकों और यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है। बर्फ जमने से कुछ स्थानों पर रास्तों में फिसलन बढ़ सकती है, इसलिए वाहन चलाते समय और पैदल चलते समय सतर्क रहना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण होती है। यह जल स्रोतों को बनाए रखने और भविष्य में नदियों के जल स्तर को संतुलित रखने में मदद करती है। हालांकि जलवायु परिवर्तन के कारण पिछले वर्षों में बर्फबारी के पैटर्न में बदलाव देखने को मिला है, जिस पर वैज्ञानिक लगातार अध्ययन कर रहे हैं।
कुल मिलाकर पाण्डवखोली में हुई यह हल्की बर्फबारी मौसम के अस्थायी बदलाव का संकेत है। फिलहाल क्षेत्र में मौसम सामान्य बना हुआ है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए लोगों को मौसम संबंधी जानकारी लेते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
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