विश्व

फ्लोरिडा में US–Ukraine शांति वार्ता में बड़ी हलचल — रूबियो बोले: “बातचीत ‘अच्छी’, लेकिन अभी समाधान दूर”

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा—“यूक्रेन की सुरक्षा, संप्रभुता और भविष्य सुनिश्चित करना हमारा मुख्य लक्ष्य”

उमेरोव, विटकॉफ़ और जैरेड कुशनर की मौजूदगी में ट्रम्प प्रशासन की कूटनीतिक हलचल तेज; मॉस्को में अगली बड़ी बैठक की तैयारी

अमेरिका और यूक्रेन के बीच चल रही शांति वार्ता ने एक महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को फ्लोरिडा में हुई बैठक को “उत्पादक और उपयोगी” बताया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि “अभी और काम किया जाना बाकी है।”

बैठक में यूक्रेन के नए मुख्य वार्ताकार रुस्तेम उमेरोव, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूत स्टीव विटकॉफ़ और जैरेड कुशनर भी मौजूद थे। विटकॉफ़ इस हफ्ते मॉस्को जाकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे।

यूक्रेन में हाल ही में हुए भ्रष्टाचार विरोधी छापे के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की के शीर्ष वार्ताकार एंड्री यरमाक ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उमेरोव को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।


क्या कहा मार्को रूबियो ने?

रूबियो ने कहा कि वार्ता सिर्फ लड़ाई रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि यूक्रेन के दीर्घकालिक भविष्य, संप्रभुता और आर्थिक स्थिरता को सुरक्षित करने पर केंद्रित है।

“हमने आज महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है,” — मार्को रूबियो


यूक्रेन का रुख

बैठक शुरू होने से पहले उमेरोव ने कहा कि बातचीत का लक्ष्य है:

  • यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करना
  • भविष्य में किसी भी आक्रमण को रोकना
  • युद्ध-बाद पुनर्निर्माण की मजबूत योजना तैयार करना

उन्होंने कहा, “US is hearing us, supporting us, working beside us.”

बैठक के बाद उमेरोव ने इसे “सफल और उत्पादक” बताया।


ट्रम्प का बयान

एयर फ़ोर्स वन में मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वार्ता “अच्छी चल रही है” और युद्ध समाप्त करने की दिशा में “बेहतर संभावनाएँ” दिख रही हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि मॉस्को में होने वाली बैठकें निर्णायक साबित हो सकती हैं।


जेलेंस्की की प्रतिक्रिया

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा:

“यह ज़रूरी है कि वार्ता रचनात्मक रहे और सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा हो… उद्देश्य है यूक्रेन की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा।”

जेलेंस्की ने अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रम्प के प्रयासों के लिए आभार भी व्यक्त किया।


सबसे बड़ा सवाल — कब्ज़े वाले क्षेत्रों का क्या होगा?

बातचीत की सबसे कठिन कड़ी बनी हुई है —उन यूक्रेनी क्षेत्रों का भविष्य, जिन्हें रूस ने कब्ज़ा या अधिग्रहित कर लिया है।

यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि बातचीत “आसान नहीं” है, लेकिन सभी पक्ष समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं।

जेलेंस्की सोमवार को फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से भी मुलाकात करेंगे।


पृष्ठभूमि

  • रूस ने 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर हमला किया।
  • अब तक लाखों लोग शरणार्थी बन चुके हैं और हजारों सैनिक-नागरिक मारे गए हैं।
  • संघर्ष की जड़ 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया अधिग्रहण और पूर्वी यूक्रेन में विद्रोह के समर्थन से जुड़ी है।

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