वर्ष 2026 की तैयारियों के तहत आपदा प्रबंधन योजनाओं की समीक्षा तेज, केंद्र ने राज्यों को दिए निर्देश
Loklens News | नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 को ध्यान में रखते हुए देशभर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और गृह मंत्रालय के स्तर पर आयोजित बैठकों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी आपदा प्रबंधन योजनाओं, संसाधनों और प्रतिक्रिया तंत्र की समयबद्ध समीक्षा सुनिश्चित करें।
सरकारी सूत्रों के अनुसार बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, चक्रवात, जंगलों में आग और शीतकालीन आपदाओं जैसे जोखिमों को देखते हुए राज्य स्तर पर पूर्व तैयारी (Preparedness) और त्वरित प्रतिक्रिया (Rapid Response) को प्राथमिकता दी जा रही है। जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर अपडेटेड माइक्रो-लेवल प्लान तैयार किए जाएं।
केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय मजबूत किया जाए। उपकरणों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था, मेडिकल सपोर्ट और अस्थायी आश्रयों की स्थिति की समीक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।
बैठकों में यह स्पष्ट किया गया कि जलवायु परिवर्तन के कारण आपदाओं की प्रकृति और तीव्रता में बदलाव देखने को मिल रहा है, ऐसे में डिजास्टर रिस्क रिडक्शन और कम्युनिटी अवेयरनेस को भी आपदा प्रबंधन की रणनीति का अहम हिस्सा बनाया जाएगा। राज्यों से कहा गया है कि वे मॉक ड्रिल, प्रशिक्षण कार्यक्रम और जन-जागरूकता अभियानों को नियमित रूप से आयोजित करें।
