दिसंबर में जीएसटी संग्रह में मजबूती, बेहतर अनुपालन और खपत से राजस्व को मिला सहारा
Loklens News | नई दिल्ली
देश में आर्थिक गतिविधियों की स्थिति का संकेत देते हुए दिसंबर माह में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में साल-दर-साल मजबूती दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कर अनुपालन में सुधार, डिजिटल इनवॉइसिंग के विस्तार और त्योहारी सीजन के बाद बनी खपत ने राजस्व को सहारा दिया है। वित्त मंत्रालय के आकलन में इसे अर्थव्यवस्था की स्थिर रफ्तार का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की सुचारु प्रोसेसिंग, ई-वे बिल और ई-इनवॉइस जैसे तंत्रों से कर चोरी पर अंकुश लगा है। राज्यों के स्तर पर कर प्रशासन की सक्रियता और जोखिम-आधारित ऑडिट से संग्रह की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेवा क्षेत्र और संगठित खुदरा में निरंतर मांग ने जीएसटी आधार को चौड़ा किया है।
वित्त मंत्रालय ने संकेत दिया कि राजस्व के बेहतर प्रदर्शन से राज्यों को समय पर क्षतिपूर्ति और विकास व्यय में लचीलापन मिलता है। आने वाले महीनों में अनुपालन अभियान, डेटा एनालिटिक्स और करदाता सहायता को और मजबूत करने पर जोर रहेगा। साथ ही, उद्योगों के लिए रिफंड की समयबद्धता और विवाद निपटान में तेजी प्राथमिकता में रहेगी।
