सर्दियों में श्वसन रोगों का बढ़ता खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सतर्कता सलाह
स्वास्थ्य | जनहित समाचार
Loklens News | नई दिल्ली
सर्दियों के मौसम में तापमान गिरने, कोहरे और वायु गुणवत्ता में गिरावट के साथ श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों ने नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-खांसी, फ्लू, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें बढ़ी हैं, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों में।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ठंडी हवा, स्मॉग और वायरल संक्रमण के कारण फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग, हाथों की नियमित स्वच्छता, पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन और संतुलित आहार अपनाया जाए। जिन लोगों को अस्थमा या सीओपीडी जैसी पुरानी बीमारियां हैं, उन्हें दवाइयों का नियमित सेवन और लक्षण बढ़ने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौसमी फ्लू और निमोनिया से बचाव के लिए टीकाकरण लाभकारी है। कोहरे के दिनों में सुबह-शाम खुले में भारी व्यायाम से बचने, घरों के भीतर वेंटिलेशन बनाए रखने और प्रदूषण वाले दिनों में अनावश्यक बाहर निकलने से परहेज करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सावधानी और जागरूकता से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी गंभीर लक्षण—जैसे तेज बुखार, लगातार खांसी, सीने में दर्द या सांस फूलना—पर देर न करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
