इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की विस्तृत समीक्षा, राजमार्गों और शहरों पर विशेष फोकस
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Loklens News | नई दिल्ली
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने आज चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में यह आकलन किया गया कि मौजूदा चार्जिंग नेटवर्क बढ़ती इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या के अनुरूप है या नहीं, और किन क्षेत्रों में अभी सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बैठक में शहरी क्षेत्रों, राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रमुख एक्सप्रेसवे और औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित चार्जिंग स्टेशनों की संख्या, उनकी क्षमता और उपयोग की स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कई शहरों में चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार हुआ है, लेकिन राजमार्गों और दूरदराज़ क्षेत्रों में अभी भी पर्याप्त सुविधाओं की आवश्यकता है।
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता, बिजली आपूर्ति, तकनीकी मानक और रखरखाव जैसे मुद्दे EV उपयोगकर्ताओं के लिए अहम हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में एकरूप मानकों का पालन किया जाए और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में निजी क्षेत्र की भागीदारी को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में निजी कंपनियों और राज्य सरकारों के सहयोग को बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है। इसके तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल और सरल अनुमति प्रक्रियाओं पर विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा यह भी समीक्षा की गई कि चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी आम लोगों तक कैसे पहुंचाई जाए, ताकि EV उपयोगकर्ताओं को यात्रा के दौरान सुविधा मिल सके। डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के माध्यम से चार्जिंग स्टेशन लोकेशन साझा करने जैसे उपायों पर भी चर्चा हुई।
