20 साल पुरानी वोटर लिस्ट अब एक क्लिक दूर, क्या आपका नाम 2003 की सूची में दर्ज है?
उत्तराखंड | निर्वाचन
Loklens News | देहरादून
उत्तराखंड में वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजना अब पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम की पहल पर मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 2003 की वोटर लिस्ट के लिए नया और सरल सर्च सिस्टम विकसित किया गया है। इसके तहत अब मतदाता केवल अपने गली, मोहल्ले या क्षेत्र (एरिया) के नाम के आधार पर भी संबंधित पोलिंग बूथ और मतदाता विवरण खोज सकेंगे।
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर 10 जनवरी तक बीएलओ आउटरीच अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और वर्ष 2003 की मतदाता सूची से उनकी जानकारी का मिलान कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आ रहे हैं, जिन्हें वर्ष 2003 में उनके पोलिंग बूथ की सटीक जानकारी याद नहीं है। इसी समस्या को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट www.ceo.uk.gov.in पर 2003 की मतदाता सूची के लिए नया और अधिक उपयोगी सर्च विकल्प जोड़ा गया है।
इससे पहले भी मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, स्वयं के नाम या पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक और बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते थे। अब नए फीचर के जुड़ने से गली, मोहल्ले और क्षेत्र के नाम से खोज की सुविधा उपलब्ध होने से प्रक्रिया और सरल हो गई है।
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बीएलओ को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं और सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ द्वारा समन्वय, संवाद और घर-घर पहुंच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
