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अल्मोड़ा में युवा कांग्रेस का ‘युवा आक्रोश मशाल जुलूस’, भर्ती घोटालों और अंकिता भंडारी मामले में उठाई न्याय की मांग

अल्मोड़ा | LokLens News Desk

अल्मोड़ा में मंगलवार को युवा कांग्रेस के नेतृत्व में चौघानपाटा से शहीद पार्क (शिखर चौराहा) तक “युवा आक्रोश मशाल जुलूस” निकाला गया। जुलूस में युवाओं, छात्रों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक की घटनाओं तथा अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई।

युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव गोपाल भट्ट ने कहा कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती विवादों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक परीक्षा अनिश्चितता और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों के कारण अनेक छात्र और उनके परिवार मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की।

गोपाल भट्ट ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में वर्षों से सामने आए भर्ती घोटालों ने मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा कि यदि छात्र कठिन परिश्रम करें और बदले में उन्हें परीक्षा संबंधी विवादों और अनियमितताओं का सामना करना पड़े, तो यह चिंता का विषय है।

प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच पूरी पारदर्शिता से कराने की मांग भी दोहराई। संगठन का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता स्थापित होती है तो उसका नाम सार्वजनिक किया जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही संगठन ने सभी सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की मांग रखी।

मशाल जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न नारे लगाकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक बनाया जाएगा।

प्रदर्शन में पूर्व प्रदेश महासचिव गोपाल भट्ट, प्रदेश महासचिव प्रदीप बिष्ट, जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह फर्त्याल, प्रदेश महासचिव किरण आर्या, राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर नरेंद्र यादव, नगर अध्यक्ष गौरव जोशी, गौरव सतवाल, रितिक नयाल, विधानसभा अध्यक्ष भुवन दोसाद, शशांक बिष्ट, इसरार अहमद, पार्षद गुंजन चम्याल, वैभव पांडे, फेमिना खान, दीपा शाह, विशाल कनवाल, सुशील शाह सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस पदाधिकारी, छात्र और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


यह समाचार युवा कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें सरकार पर लगाए गए आरोप और मांगें संबंधित संगठन के आधिकारिक बयान हैं। इस संबंध में राज्य सरकार या संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा, ताकि सभी पक्षों की जानकारी पाठकों तक पहुंच सके।

भर्ती परीक्षाओं, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दे सीधे लाखों युवाओं और उनके परिवारों को प्रभावित करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया युवाओं के भविष्य और रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।


उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक के मुद्दे पिछले कुछ वर्षों से लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रहे हैं। विपक्ष इन मामलों को युवाओं के भविष्य से जोड़कर सरकार को घेर रहा है, जबकि सरकार समय-समय पर भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के दावे करती रही है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों के अधिकारों का हिस्सा हैं। वहीं सरकार के लिए भी यह आवश्यक है कि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता, समयबद्ध कार्रवाई और प्रभावी संवाद के माध्यम से विश्वास कायम रखा जाए।

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