रानीखेत की जर्जर सड़कों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन, जल्द सुधार की मांग
LOKLENS LOCAL NEWS REPORT
उत्तराखंड के Ranikhet में खराब सड़कों की समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। रानीखेत कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर मुख्य एवं क्षेत्रीय सड़कों की जर्जर स्थिति पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि केएमयू स्टेशन से घिंघारिखाल तक का मुख्य मार्ग सहित कई क्षेत्रीय सड़कें बेहद खराब स्थिति में हैं। जगह-जगह गड्ढे, टूटी सड़कें और जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण आम जनता, वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। यह मार्ग न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि व्यापारियों और पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण है, ऐसे में इसकी खराब स्थिति जनजीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित कर रही है।
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ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि सड़कों की जल्द मरम्मत कराई जाए, गड्ढों को भरा जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इस दौरान नगरपालिका अध्यक्ष अरुण रावत, महिला नगर अध्यक्ष नेहा साह माहरा, कॉर्डिनेटर कुलदीप कुमार, पूर्व व्यापार मंडल उप-सचिव विनीत चौरसिया, मीडिया प्रभारी सोनू सिद्दीकी, जीतन जयाल, प्रदीप रावत सहित अन्य स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।
रानीखेत जैसे पर्यटन क्षेत्रों में सड़कों की खराब स्थिति केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित करती है। यह प्रशासनिक प्राथमिकताओं और जमीनी जरूरतों के बीच के अंतर को भी उजागर करती है।
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