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NEET-UG 2026 पेपर लीक: CBI के शिकंजे में ‘मास्टरमाइंड’, देशभर में फैले नेटवर्क ने हिलाई परीक्षा व्यवस्था

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देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा पर फिर सवाल

देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी NEET-UG 2026 परीक्षा अब एक बड़े राष्ट्रीय घोटाले के रूप में सामने आ रही है। Central Bureau of Investigation ने इस मामले में कथित “मास्टरमाइंड” को गिरफ्तार करने का दावा किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह केवल एक साधारण पेपर लीक नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें कोचिंग कनेक्शन, बिचौलिये, डिजिटल PDF सर्कुलेशन और भारी पैसों के लेन-देन के संकेत मिले हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पुणे से जुड़ा एक केमिस्ट्री प्रोफेसर बताया जा रहा है, जिस पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाने और उसे नेटवर्क के जरिए फैलाने का आरोप है। जांच एजेंसियां अब यह भी खंगाल रही हैं कि क्या इस पूरे मामले में अंदरूनी लोगों की भूमिका थी।


कैसे फैला पेपर लीक का नेटवर्क?

जांच में सामने आया है कि कथित “गेस पेपर” के नाम पर प्रश्नपत्र पहले से छात्रों तक पहुंचाया गया। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रश्नों को PDF फॉर्मेट में बदलकर अलग-अलग राज्यों तक भेजा गया। राजस्थान के सीकर, जयपुर, हरियाणा, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों तक इस नेटवर्क के तार जुड़े बताए जा रहे हैं।

कुछ मामलों में छात्रों और अभिभावकों से लाखों रुपये वसूले जाने के आरोप भी सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार “गेस पेपर” के नाम पर 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की डील हुई।


22 लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित

NEET-UG परीक्षा भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है। इस बार परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक की खबरों ने लगभग 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव में डाल दिया है। कई छात्रों ने वर्षों की तैयारी के बाद परीक्षा दी थी, लेकिन अब पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


सरकार और NTA पर बढ़ा दबाव

मामले के बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार और National Testing Agency पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराया जा सकता है ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

[NEET पेपर लीक के खिलाफ अल्मोड़ा में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, चौघानपाटा में फूंका पुतला।

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यह मामला केवल एक परीक्षा घोटाला नहीं, बल्कि भारत की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों का बड़ा संकेत है। जब लाखों युवा अपनी मेहनत, समय और परिवार की उम्मीदों के साथ परीक्षा देते हैं, तब ऐसे लीक केवल प्रश्नपत्र नहीं चुराते — वे भरोसा भी तोड़ते हैं।

NEET जैसे राष्ट्रीय स्तर के एग्जाम में बार-बार उठते सवाल यह बताते हैं कि केवल गिरफ्तारियां पर्याप्त नहीं होंगी। परीक्षा सुरक्षा, डिजिटल निगरानी, अंदरूनी जवाबदेही और कोचिंग माफिया पर कठोर कार्रवाई के बिना व्यवस्था में विश्वास बहाल करना कठिन होगा।

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