नई दिल्ली/मुंबई, 26 सितंबर 2026। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इसकी सुरक्षा और संभावित दुरुपयोग को लेकर चिंता सामने आई है। Moneycontrol Startup Conclave 2026 में Sarvam के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने AI के गलत इस्तेमाल से जुड़े संभावित जोखिमों पर बात की।
प्रत्युष कुमार के अनुसार, AI अब केवल उत्पादकता बढ़ाने वाला तकनीकी उपकरण नहीं रह गया है। इसके सामर्थ्य के बढ़ने के साथ इसके संभावित दुरुपयोग की संभावना भी बढ़ रही है। उन्होंने AI को संभावित रूप से एक “weapon system” बताते हुए कहा कि भारत को अपनी सुरक्षा के लिए मजबूत डिफेंस लेयर और घरेलू क्षमताओं के विकास पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
AI के साथ बढ़ रही नई तरह की vulnerability
Startup Conclave 2026 में चर्चा के दौरान प्रत्युष कुमार ने AI से जुड़ी vulnerability पर भी बात की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों के नजरिए से AI की कमजोरियों पर विचार करना जरूरी है और उचित सुरक्षा उपायों के अभाव में इस तकनीक का इस्तेमाल अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
यह चर्चा ऐसे समय हो रही है जब AI मॉडल लगातार अधिक सक्षम होते जा रहे हैं। AI का इस्तेमाल बिजनेस, शिक्षा, रिसर्च, सॉफ्टवेयर और प्रशासन सहित कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है। इसके साथ साइबर सुरक्षा, गलत सूचना, स्वचालित हमलों और अन्य संभावित दुरुपयोग को लेकर भी चर्चा तेज हुई है।
AI एजेंट बदल सकते हैं काम करने का तरीका
कॉनक्लेव में AI के भविष्य को लेकर Emergent के संस्थापक मुकुंद झा ने Persistent AI Agents को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के लिए लगातार काम करने वाले AI एजेंट आने वाले समय में AI के प्रमुख उपयोगों में शामिल हो सकते हैं।
उनके अनुसार, भविष्य में इंसानों की भूमिका हर कार्य को खुद करने के बजाय योजना बनाने, रणनीति तय करने और महत्वपूर्ण फैसले लेने पर अधिक केंद्रित हो सकती है। AI एजेंट अलग-अलग कार्यों के बीच समन्वय में मदद कर सकते हैं।
इस बदलाव का असर कंपनियों के काम करने के तरीकों के साथ-साथ रोजगार और आवश्यक कौशल पर भी पड़ सकता है।
भारत के लिए AI में तेजी के साथ सुरक्षा भी जरूरी
प्रत्युष कुमार ने भारत के नजरिए से AI के विकास की गति बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि भारत को वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में अपनी क्षमताओं को विकसित करना चाहिए।
Sarvam जैसी भारतीय AI कंपनियां भारतीय भाषाओं और देश की जरूरतों के अनुरूप AI क्षमता विकसित करने पर काम कर रही हैं। ऐसे में AI के विकास के साथ डेटा सुरक्षा, मॉडल सुरक्षा, साइबर डिफेंस और राष्ट्रीय हितों से जुड़े पहलुओं पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुमार ने Sarvam और HCLTech के बीच साझेदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने AI के तेजी से बदलते माहौल की तुलना एक ऐसे “treadmill” से की, जिसमें लगातार आगे बढ़ते रहना जरूरी है।
AI का अगला चरण: अवसर और जोखिम दोनों
Startup Conclave 2026 में AI, डीप टेक, फिनटेक, D2C, क्विक कॉमर्स और Startup Bharat सहित कई विषयों पर चर्चा हो रही है। इन चर्चाओं में AI को केवल टेक्नोलॉजी सेक्टर तक सीमित न रखते हुए कारोबार, सुरक्षा, रोजगार और राष्ट्रीय क्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है।
AI के अधिक सक्षम होने के साथ इसके संभावित उपयोग बढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ गलत इस्तेमाल से जुड़े जोखिम भी सामने आ सकते हैं। ऐसे में तकनीकी विकास के साथ सुरक्षा व्यवस्था, जिम्मेदार इस्तेमाल और भारत की घरेलू AI क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
लोकलेंस न्यूज़ निष्कर्ष: Startup Conclave 2026 में हुई चर्चाओं से यह विषय सामने आया कि AI का अगला दौर केवल बेहतर मॉडल विकसित करने की प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं रह सकता। AI की सुरक्षा, जिम्मेदार इस्तेमाल और रणनीतिक क्षमता भी इसके विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।