रानीखेत में महंगाई और NEET पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, भाजपा सरकार का पुतला दहन
LOKLENS NEWS |रानीखेत|
Indian National Congress की रानीखेत कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों तथा NEET पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं CWC सदस्य Karan Mahara ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में भाजपा सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान करन माहरा ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की जिंदगी को गंभीर संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का सबसे अधिक असर छोटे व्यापारियों, टैक्सी चालकों, मजदूरों और दुकानदारों पर पड़ रहा है। उनके अनुसार बाजारों में व्यापार प्रभावित हो रहा है और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए दैनिक खर्च चलाना कठिन होता जा रहा है।
NEET पेपर लीक मामले पर उन्होंने इसे देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। उनका कहना था कि लाखों छात्र कठिन मेहनत और आर्थिक संघर्ष के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके विश्वास और मनोबल को तोड़ती हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से महंगाई पर नियंत्रण, छोटे व्यापारियों को राहत और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष अरुण रावत, PCC सदस्य कैलाश पांडेय, ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम सिंह अधिकारी, महिला नगर अध्यक्ष नेहा माहरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
महंगाई का असर सबसे अधिक मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों पर दिखाई दे रहा है। ईंधन और रसोई गैस की कीमतें बढ़ने से परिवहन, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर NEET पेपर लीक जैसे मामलों ने छात्रों और अभिभावकों में चिंता और असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। कई परिवार बच्चों की शिक्षा के लिए भारी आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।
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भारत में महंगाई और परीक्षा पारदर्शिता दोनों ही बड़े सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे बन चुके हैं। बढ़ती ईंधन कीमतें सीधे बाजार और आम नागरिकों की जेब पर असर डालती हैं, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी युवाओं के भविष्य और व्यवस्था पर भरोसे को कमजोर करती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में रोजगार, शिक्षा और आर्थिक राहत जैसे मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बने रह सकते हैं।
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