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साईं सावित्री पब्लिक स्कूल गनियाद्योली में रंगारंग एकल नृत्य प्रतियोगिता, बच्चों की प्रतिभा ने जीता सभी का दिल

LOKLENS NEWS |RANIKHET|

Ganiadyoili स्थित Sai Savitri Public School में विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों और बच्चों के उत्साह से सराबोर नजर आया। प्रतिभागियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का मन मोह लिया।

प्रतियोगिता को दो समूहों में आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने विभिन्न गीतों और सांस्कृतिक धुनों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी कला और आत्मविश्वास का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर बच्चों की ऊर्जा और अभिव्यक्ति ने माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।

ग्रुप-1 में कृतिशा पाण्डे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अदिती बिष्ट द्वितीय और वंश तृतीय स्थान पर रहे। वहीं ग्रुप-2 में पार्थिवी रावत ने प्रथम स्थान हासिल किया। अदित्य रावत ने द्वितीय तथा अनाया सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

विद्यालय की मैनेजिंग डायरेक्टर Rama Mahra ने सभी प्रतिभागियों और उनके अभिभावकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों के आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियां भी जरूरी हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्या Rashi Negi, कॉर्डिनेटर Rekha Joshi, समस्त शिक्षकगण, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

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स्कूलों में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि वे बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नृत्य और कला जैसी गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और मंच पर अपनी बात रखने की क्षमता विकसित करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व को संतुलित और मजबूत बनाती हैं।


ऐसे कार्यक्रम बच्चों और अभिभावकों दोनों के लिए प्रेरणादायक होते हैं। बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, जबकि अभिभावकों को अपने बच्चों की रचनात्मक क्षमता देखने और उन्हें आगे बढ़ाने का उत्साह मिलता है। इससे विद्यालय और परिवार के बीच सकारात्मक संबंध भी मजबूत होते हैं।

यह प्रतियोगिता न केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच देने का माध्यम बनी, बल्कि विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को भी उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भर गई।

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