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लोहाघाट में सरकारी क्रेच सेंटर शुरू: कामकाजी माता-पिता के लिए राहत, बच्चों को सुरक्षित देखभाल

LOKLENS NEWS |लोहाघाट|

उत्तराखंड के Lohaghat क्षेत्र में कामकाजी माता-पिता के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आंगनबाड़ी क्रेच सेंटर की शुरुआत की गई है। यह सरकारी योजना उन परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है, जहां माता और पिता दोनों नौकरी करते हैं और छोटे बच्चों की देखभाल एक चुनौती बन जाती है। इस क्रेच सेंटर में 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रखा जा रहा है, जहां उनकी देखभाल, पोषण और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है।

इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को सुरक्षित और स्नेहपूर्ण वातावरण प्रदान करना है, जिनके माता-पिता दिनभर काम में व्यस्त रहते हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अक्सर यह समस्या देखने को मिलती है कि छोटे बच्चों की देखभाल के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती, जिससे कई बार बच्चों की सुरक्षा और विकास प्रभावित होता है। ऐसे में यह सरकारी क्रेच सेंटर न केवल बच्चों के लिए बल्कि पूरे परिवार के लिए एक सहारा बन रहा है।

क्रेच सेंटर में बच्चों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां साफ-सफाई, पोषण, खेलने के साधन और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया गया है। बच्चों की देखरेख के लिए प्रशिक्षित कार्यकर्ता मौजूद हैं, जो पूरे दिन बच्चों पर नजर रखते हैं और उनकी जरूरतों का ध्यान रखते हैं।

इस केंद्र में क्रेच कार्यकर्ता के रूप में कुमारी सिमरन और श्रीमती सुनीता देवी अपनी सेवाएं दे रही हैं, जबकि सहायिका के रूप में श्रीमती पुष्पा उप्रेती बच्चों की देखभाल में सहयोग कर रही हैं। इन सभी का प्रयास है कि बच्चों को एक परिवार जैसा वातावरण मिले, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर तरीके से हो सके।

यह योजना सरकार द्वारा निशुल्क संचालित की जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी इसका लाभ मिल सके। खासकर उन परिवारों के लिए यह योजना अत्यंत उपयोगी है, जहां दोनों अभिभावक कामकाजी हैं और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की जरूरत होती है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्रेच सेंटर के शुरू होने से उन्हें काफी राहत मिली है। पहले जहां बच्चों को घर पर अकेला छोड़ने या किसी अन्य पर निर्भर रहने की मजबूरी थी, वहीं अब एक भरोसेमंद व्यवस्था उपलब्ध हो गई है। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि माता-पिता भी अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती उम्र में बच्चों की देखभाल और पोषण का उनके भविष्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में इस तरह के क्रेच सेंटर बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह न केवल बच्चों को सुरक्षित वातावरण देता है, बल्कि उन्हें सामाजिक और मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है।

यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जब महिलाओं को यह भरोसा होता है कि उनके बच्चे सुरक्षित हैं, तो वे अपने काम और करियर पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाती हैं। इससे समाज में आर्थिक और सामाजिक संतुलन भी मजबूत होता है।

क्रेच सेंटर में बच्चों के पंजीकरण के लिए अभिभावकों को संपर्क नंबर 8266011818 पर संपर्क करने के लिए कहा गया है। सरकार की यह पहल उन परिवारों के लिए एक उम्मीद बनकर सामने आई है, जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।

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