अल्मोड़ा में 17 वर्षीय बालिका का बाल विवाह रोका, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
LOKLENS NEWS |अल्मोड़ा|
अल्मोड़ा जनपद के जैती क्षेत्र स्थित ग्राम मल्ला भट्यूड़ा में प्रशासन और बाल संरक्षण टीम की तत्परता से एक बाल विवाह को समय रहते रोक दिया गया। जानकारी के अनुसार, 17 वर्षीय बालिका का विवाह आगामी 5 मई 2026 को प्रस्तावित था, लेकिन जिला प्रशासन की सक्रियता और जागरूकता अभियान के चलते विवाह को स्थगित कर दिया गया।
इस कार्रवाई में जिला प्रोबेशन अधिकारी Kalpana Manral और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने मौके पर पहुंचकर बालिका और उसके अभिभावकों की काउंसलिंग की तथा उन्हें बाल विवाह के कानूनी, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
काउंसलिंग के बाद अभिभावकों से एक शपथ पत्र भी लिया गया, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले उसका विवाह नहीं किया जाएगा।
इस अभियान में बाल कल्याण समिति से श्रीमती अर्चना कोठरी, जिला बाल संरक्षण इकाई से कमला कोश्यारी और सुनीता जोशी, चाइल्ड हेल्पलाइन से मोहित जोशी और प्रीति बिष्ट के साथ पुलिस विभाग की टीम भी मौजूद रही। सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से परिवार को जागरूक करने और बालिका के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्य किया।
बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि यह बालिकाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई बार सामाजिक दबाव, आर्थिक परिस्थितियां और जागरूकता की कमी के कारण कम उम्र में विवाह कर दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन और सामाजिक संगठनों की त्वरित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
[LokLens News Daily Bulletin | आज की बड़ी खबरें | 30 April 2026
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समय रहते रोका गया यह विवाह एक बालिका के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल उसकी शिक्षा और व्यक्तिगत विकास का अवसर बना रहेगा, बल्कि समाज में यह संदेश भी जाएगा कि कानून और जागरूकता मिलकर बदलाव ला सकते हैं।
उत्तराखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन अभी भी कई जगह सामाजिक सोच में बदलाव की आवश्यकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि शिक्षा और सामुदायिक जागरूकता ही इस समस्या का सबसे प्रभावी समाधान हो सकते हैं।
यह कार्रवाई प्रशासन और बाल संरक्षण टीम के समन्वित प्रयास का उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने एक संभावित बाल विवाह को समय रहते रोककर एक बालिका के भविष्य को सुरक्षित किया।
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