इस्लामाबाद/बीजिंग। चीन के Tiangong Space Station पर पाकिस्तान का पहला अंतरिक्ष यात्री भेजे जाने की तैयारी चल रही है। पाकिस्तान के दो पायलट—मुहम्मद ज़ीशान अली और खुर्रम दाऊद—बीजिंग स्थित China Astronaut Research and Training Center में अंतरिक्ष प्रशिक्षण ले रहे हैं। दोनों में से एक को मिशन के लिए चुना जाएगा और वह Tiangong स्टेशन पर पहुंचने वाला पहला विदेशी अंतरिक्ष यात्री बन सकता है।
Reuters के अनुसार, दोनों उम्मीदवार Mandarin भाषा सीखने के साथ centrifuge में तेज गति और अत्यधिक G-force का अभ्यास कर रहे हैं। प्रशिक्षण में microgravity की परिस्थितियों में खाने, सोने, उपकरणों की मरम्मत, अंतरिक्ष यान की प्रणालियों और वैज्ञानिक प्रयोगों से जुड़े अभ्यास शामिल हैं।
पाकिस्तान और चीन के बीच मानव अंतरिक्ष उड़ान सहयोग की योजना 2019 में शुरू हुई थी। फरवरी 2025 में China Manned Space Engineering Office और पाकिस्तान की अंतरिक्ष एजेंसी SUPARCO के बीच औपचारिक समझौता हुआ, जिसके तहत पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रियों को चीन में प्रशिक्षण देकर चीनी अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजने की व्यवस्था की गई।
ज़ीशान अली और खुर्रम दाऊद करीब 20 अंतिम उम्मीदवारों में से चुने गए। चयन प्रक्रिया में मेडिकल फिटनेस, मनोवैज्ञानिक क्षमता और अत्यधिक G-force सहने की क्षमता समेत कई परीक्षण किए गए। तेज गति वाले विमानों का अनुभव रखने वाले दोनों पायलट अब अंतरिक्ष मिशन के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं।
पाकिस्तान की अंतरिक्ष एजेंसी से जुड़े अधिकारी आमेर गिलानी के अनुसार, अंतिम चयन अक्टूबर के मध्य से लेकर अक्टूबर के अंतिम हिस्से के बीच होने की उम्मीद है। हालांकि, चीन ने अभी दोनों में से अंतिम उम्मीदवार और लॉन्च की निश्चित तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
चुना गया पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री Payload Specialist के रूप में काम करेगा। उसकी भूमिका अंतरिक्ष यान उड़ाने के बजाय वैज्ञानिक प्रयोगों और अनुसंधान गतिविधियों को संचालित करने की होगी। SUPARCO को विश्वविद्यालयों से 300 से अधिक वैज्ञानिक प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से चीन के वैज्ञानिक संस्थानों ने चार प्रयोगों का चयन किया है। इनमें जैव प्रौद्योगिकी से जुड़े प्रयोग भी शामिल हैं, जिनका संबंध खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से है।
मिशन के तहत पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री चीनी अंतरिक्ष यान से उड़ान भरेगा, चीन के लॉन्च स्थल से रवाना होगा और चीनी प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण लेगा। अंतरिक्ष में संवाद के लिए Mandarin भाषा का इस्तेमाल किया जाएगा। पाकिस्तान के पास फिलहाल अपना स्वतंत्र मानवयुक्त अंतरिक्ष यान या crewed launch vehicle नहीं है।
चुने गए अंतरिक्ष यात्री के Tiangong स्टेशन पर करीब एक सप्ताह रहने की योजना है। यह चीन के नियमित अंतरिक्ष यात्रियों के लगभग छह महीने के मिशन की तुलना में काफी कम अवधि होगी। इसके बावजूद यह पाकिस्तान की मानव अंतरिक्ष उड़ान में पहली प्रत्यक्ष भागीदारी होगी।
पाकिस्तान और चीन का अंतरिक्ष सहयोग Tiangong तक सीमित नहीं है। चीन पाकिस्तान के लिए पहले भी उपग्रह लॉन्च कर चुका है और दोनों देश satellite-navigation समेत कई अंतरिक्ष परियोजनाओं पर सहयोग कर रहे हैं। पाकिस्तान का एक lunar rover भी चीन के Chang'e-8 मिशन के तहत लगभग 2028 में चंद्रमा भेजे जाने की योजना में शामिल है।
फिलहाल अंतिम चयन की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। यदि योजना के अनुसार मिशन आगे बढ़ता है, तो चुना गया पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री चीन के Tiangong Space Station पर पहुंचने वाला पहला विदेशी अंतरिक्ष यात्री होगा।