गाजा/अंतरराष्ट्रीय डेस्क। गाजा में जारी संघर्ष के बीच फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2026 को हताहतों का नया आंकड़ा जारी किया। मंत्रालय के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 से 1 अक्टूबर 2026 तक गाजा में 74,040 लोगों की जान गई, जबकि 175,168 लोग घायल हुए हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में गाजा के अस्पतालों में 8 मृतकों और 26 घायलों को दर्ज किया गया। वहीं, 11 अक्टूबर 2025 को लागू हुए युद्धविराम के बाद से 1,439 लोगों की जान जाने और 5,052 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। इस अवधि में मलबे से 834 शव बरामद किए जाने की भी बात कही गई है।
युद्धविराम के बावजूद सामने आ रहीं घटनाएं
युद्धविराम के बाद भी गाजा में सैन्य कार्रवाई और गोलीबारी की घटनाओं की रिपोर्ट सामने आती रही हैं। 1 अक्टूबर की अल जजीरा रिपोर्ट में भी युद्धविराम के बाद 1,439 लोगों की जान जाने और 5,052 लोगों के घायल होने के आंकड़े का उल्लेख किया गया।
2 अक्टूबर को कतर न्यूज एजेंसी ने गाजा सिटी और मध्य गाजा में अलग-अलग घटनाओं में लोगों की जान जाने और घायल होने की जानकारी दी। रिपोर्ट में भी कुल आंकड़ा 74,040 और 175,168 बताया गया।
आंकड़ों की पुष्टि को लेकर सावधानी जरूरी
गाजा सक्रिय संघर्ष क्षेत्र है, जहां अस्पतालों और राहत एजेंसियों के लिए सभी घटनाओं का तत्काल स्वतंत्र सत्यापन करना कठिन है। इसलिए हताहतों के आंकड़े संबंधित स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट पर आधारित हैं और समय के साथ इनमें संशोधन संभव है। एसोसिएटेड प्रेस ने भी सितंबर के अंत में गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से मृतकों की संख्या 74 हजार से अधिक और घायलों की संख्या 1.75 लाख से अधिक बताई थी।
एक नजर में आंकड़े
स्थिति| आंकड़ा
7 अक्टूबर 2023 से मृतक| 74,040
कुल घायल| 175,168
युद्धविराम के बाद मृतक| 1,439
युद्धविराम के बाद घायल| 5,052
मलबे से बरामद शव| 834
ये आंकड़े फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय की 1 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट पर आधारित हैं।
LokLens News डिस्क्लेमर: यह खबर फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय और उपलब्ध विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। गाजा जैसे सक्रिय संघर्ष क्षेत्र में प्रत्येक घटना और हताहत के आंकड़े का तत्काल स्वतंत्र सत्यापन संभव नहीं हो सकता। इजरायल और फिलिस्तीनी पक्ष से जुड़े दावों को उनके संबंधित संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। किसी कानूनी या राजनीतिक निष्कर्ष को LokLens News की ओर से स्थापित नहीं किया जा रहा है।