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प्रारूप-7 के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने की शिकायत, रानीखेत कांग्रेस ने की कानूनी कार्रवाई की मांग

📅 02 Sep 2026 👤 Loklens News Team 📁 प्रदेश
प्रारूप-7 के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने की शिकायत, रानीखेत कांग्रेस ने की कानूनी कार्रवाई की मांग

रानीखेत कांग्रेस ने प्रारूप-7 के जरिए वैध मतदाताओं के नाम हटाने के लिए कथित गलत आपत्तियां दर्ज कराने की शिकायत की और निष्पक्ष जांच व कानूनी कार्रवाई की मांग की।

रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए प्रारूप-7 के माध्यम से कथित रूप से गलत, भ्रामक और तथ्यहीन आपत्तियां दर्ज कराए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में रानीखेत कांग्रेस कमेटी ने रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, विधानसभा रानीखेत-50 को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
रानीखेत कांग्रेस कमेटी के अनुसार कुछ ऐसे मतदाताओं के विरुद्ध भी प्रारूप-7 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, जो संबंधित पते पर निवास कर रहे हैं और मतदाता सूची में विधिवत दर्ज हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गलत आधार पर आपत्तियां दर्ज कराकर पात्र मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में निर्धारित संख्या से अधिक आपत्तियां प्रस्तुत किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने दावा किया कि आपत्तियों के निस्तारण के दौरान कुछ आपत्तिकर्ताओं ने प्रारूप-7 स्वयं न भरने अथवा प्रस्तुत न करने की बात स्वीकार की। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में संबंधित प्रारूप स्वीकार कैसे किए गए और उनकी सत्यता का सत्यापन किस स्तर पर किया गया।
कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि प्रारूप-7 के माध्यम से प्रस्तुत सभी संदिग्ध आपत्तियों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर गलत, झूठी या भ्रामक जानकारी देकर आपत्ति प्रस्तुत करना पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता और निष्पक्षता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। किसी पात्र नागरिक को गलत सूचना अथवा दुर्भावनापूर्ण आपत्ति के माध्यम से मतदान के अधिकार से वंचित करने का प्रयास गंभीर विषय है।
ज्ञापन के माध्यम से रजिस्ट्रीकरण अधिकारी से मामले में की गई कार्रवाई तथा संबंधित आपत्तियों के निस्तारण की लिखित जानकारी रानीखेत कांग्रेस कमेटी को उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
कांग्रेस ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनुचित तरीके से मतदाता सूची से न हटे।
ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस के BLA-1 गोपाल सिंह देव, कॉर्डिनेटर कुलदीप कुमार और BLA-2 मोहम्मद नईम शामिल रहे।
मामले में लगाए गए आरोप कांग्रेस कमेटी की ओर से दिए गए ज्ञापन और उसके दावों पर आधारित हैं। संबंधित निर्वाचन अधिकारी अथवा प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद उसका पक्ष भी रिपोर्ट में शामिल किया जाना महत्वपूर्ण होगा।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था से सीधे जुड़ी है। इसलिए किसी भी आपत्ति की जांच दस्तावेजों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर निष्पक्ष तरीके से किया जाना आवश्यक है। यदि गलत जानकारी देकर किसी पात्र मतदाता का नाम हटाने का प्रयास साबित होता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

क्या प्रारूप-7 के माध्यम से दर्ज आपत्तियों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह है?